हरियाणा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी की बड़ी कार्रवाई, 8 नेताओं को पार्टी से किया निष्कासित, जानिए क्यों
दिल्ली सरकार की मंत्री और आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने गुरुवार (13 जून) को तिहाड़ जेल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की.
इस मुलाकात के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने मंत्री आतिशी से दिल्ली में बिजली और पानी की स्थिति पर रिपोर्ट ली और शहर में पानी की मौजूदा समस्या के तुरंत समाधान करने के निर्देश दिए.
सीएम केजरीवाल ने विधायकों के लिए निर्देश दिया कि सभी विधायक ग्राउंड पर लोगों के बीच जाएं और पानी की समस्या को दूर करने का काम करें.

‘केजरीवाल को खुद से ज्यादा दिल्लीवालों की फिक्र’
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से हुए मुलाक़ात को साझा करते हुए मंत्री आतिशी ने कहा, “दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल केंद्र सरकार की ओर से झूठे केस में फंसा कर तिहाड़ जेल में बंद किया गया है, लेकिन अरविंद केजरीवाल को खुद से ज्यादा दिल्लीवालों की फिक्र है.
आज भी मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सबसे पहले दिल्ली में बिजली और पानी के स्थिति की रिपोर्ट ली. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें खबरों के माध्यम से पता चला है कि दिल्ली में पानी की समस्या चल रही है और लोग परेशान है.”
आतिशी ने बताया कि क्या बोले केजरीवाल
मंत्री आतिशी ने कहा, “इस बाबत मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मुझे निर्देश दिया है कि दिल्ली की पानी की कमी को दूर करने के लिए जो-जो कदम उठाने की जरूरत है, वो जल्द से जल्द उठाए जाएं. दिल्ली के मुख्यमंत्री को खुद की चिंता नहीं है, बल्कि यहां के लोगों की, उनके लिए काम करने की चिंता है.
अरविंद केजरीवाल चाहे जेल के अंदर हो या जेल के बाहर हो वो दिल्ली के लोगों के बारे में, उनकी समस्याओं कि समाधान के लिए, और दिल्ली के लोगों की बेहतरी के लिए सोचते हैं.”

अवैध वाळूने भरलेला ट्रॅक्टर पकडूनही कारवाई न करता तलाठ्याने सोडल्याचा आरोप.
प्रभाग 12 मधून भाजपाचे हाजी शेख अथर महंमद नुर व पठाण महेमुन्ननिसा बेगम फायजखान यांनी दाखल केले उमेदवारी अर्ज
शिवसेना (उबाटा गट) कडून उमेदवारी न मिळाल्याने अपक्ष नगराध्यक्षपदासाठी उमेदवारी दाखल- सुरेखा शेवाळे-टाळे
जिंतूर पोलिसांची कारवाई — प्रतिबंधित गुटख्याचा मोठा साठा जप्त.
प्रभाग आठच्या सर्वांगीण विकासासाठी समीर भैय्या जानीमीया निवडणुकीच्या रिंगणात.
जिंतूर स्थानिक स्वराज्य संस्था निवडणूक — उमेदवारीत रस्सीखेच की पैशाचा खेळ?